संघ कार्यों की शताब्दी के अवसर पर प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन

आगरा।

काल के प्रवाह में राष्ट्र जीवन में आए अनेक दोषों को दूर कर एक संगठित, चारित्र्यसंपन्न और सामर्थ्यवान राष्ट्र के रूप में भारत को परम वैभव तक ले जाने हेतु परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य प्रारंभ किया। संगठित समाज ही देश को दिशा दे सकता है, यह वर्ष संघ कार्य का शताब्दी वर्ष है, सेवा, समर्पण की 100 वर्षों की यात्रा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा दिनांक 14 नवम्बर 2025 को सायं 03ः30 बजे संस्कृति भवन, ललित कला संस्थान, आगरा स्थित सभागार में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होने कहा कि संघ को समझना है तो संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार जी की देशभक्ति को याद करना होगा। देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी बने, लेकिन उनका सोचना था कि समाज को स्वतंत्रता के पश्चात क्या दिशा देनी है यह चिंतन किया। संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, यह संगठन का उत्सव नहीं बल्कि समाज की एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राष्ट्र प्रेम की भावना पहुँचाने की दिशा में शताब्दी की यात्रा समर्पित होगी।

उन्होंने आगे कहा कि आर एस एस की उपलब्धि क्या है, हम नहीं कहते हैं लेकिन यदि संघ नहीं होता तो क्या होता ? यह गंभीर चिंतन का विषय है उन्होंने कन्याकुमारी विवेकानंद स्मारक, अयोध्या राम मंदिर और अमरनाथ यात्रा का उदाहरण दिया।

संघ का कार्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सतत प्रयास है, और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही भारत विश्वगुरू के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा। राष्ट्र की सेवा में बलिदान हुए लोगों में सेना, पुलिस के बाद संघ के स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान है।

गोष्ठी में महानगर के अनेक प्रमुख व्यवसायी, शिक्षाविद्, चिकित्सक, अधिवक्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, आर्थिक, धार्मिक व क्रीड़ा क्षेत्र के बन्धु/भगिनी, साहित्यकार, सामाजिक प्रमुख, मातृशक्ति एवं इन्फ्लूएंसर उपस्थित रहे। इस अवसर पर संघ ने विविध क्षेत्रों में चल रहे सामाजिक, शैक्षणिक, सेवा एवं राष्ट्रीय जागरण के कार्यों की जानकारी भी दी गई। गोष्ठी में अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले, अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश, क्षेत्र प्रचारक महेन्द्र, अखिल भारतीय गौ संयोजक अजीत महापात्र संस्कार भारती से बांके लाल एवं अन्य प्रान्त व क्षेत्र के पदाधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन सुनील कुमार और प्रमोद चौहान ने किया, गोष्ठी का प्रारंभ वन्देमातरम से और समापन राष्ट्रगान से हुआ।

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