प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मैकाले की “200 साल पुरानी ‘गुलामी मानसिकता’ की विरासत” को पलटने पर ज़ोर देने के लिए कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने प्रशंसा की है 

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मैकाले की “200 साल पुरानी ‘गुलामी मानसिकता’ की विरासत” को पलटने पर ज़ोर देने के लिए कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने प्रशंसा की है। इस पर शायद कांग्रेस के अन्य नेताओं और पार्टी पर कुंडली मारकर बैठे हुए गांधी (नकली) परिवार को बड़ी तकलीफ हो रही होगी।

थरूर ने एक्स पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी ने “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” की बात की और एक औपनिवेशिक काल के बाद की मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब सिर्फ ‘उभरता हुआ बाजार’ नहीं, बल्कि दुनिया के लिए ‘उभरता हुआ मॉडल’ है। उन्होंने देश की आर्थिक मजबूती पर भी ध्यान दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा “चुनाव मोड” में रहने का आरोप लगता है, लेकिन असल में वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए “भावनात्मक मोड” में रहते हैं।”

थरूर ने प्रधानमंत्री द्वारा मैकाले की “200 साल पुरानी ‘गुलामी मानसिकता’ की विरासत” को पलटने पर ज़ोर देने की सराहना की और आगे कहा, “भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मैकाले की विरासत को पलटने के लिए समर्पित था। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विरासत, भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों में गौरव की बहाली के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की।

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