
*मन्दिर प्रबंधन समिति और खाद्य विभाग की पहल।*
*देश के अन्य प्रसिद्ध मन्दिरों की तरह जनपद फिरोजाबाद का मन्दिर हुआ प्रमाणित।*
*एफ.एस.एस.ए. आई (भारत सरकार) के प्रतिनिधियों ने किया ऑडिट कार्य पूर्ण।*
शिकोहाबाद के प्रसिद्ध मन्दिर श्री बालाजी के प्रागण में आसपास के खाद्य व्यापारियों को स्वच्छता व फूड सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम बालाजी मन्दिर के लिए ईट राईट प्लेस आफ वर्शिप (पवित्र मन्दिर, पवित्र भोजन) कार्यक्रम के लिए अन्तिम कड़ी था। इसके उपरान्त बालाजी मन्दिर एफ०एस०एस०आई० द्वारा प्रमाणित देश के चुनिन्दा मन्दिरों में शुमार हो जायेगा। अबतक सिद्धि विनायक, तिरूपति बालाजी, काशी विश्वनाथ, संकटमोचन जैसे बड़े मन्दिर ही प्रमाणित हैं। प्रशिक्षण एफ०एस०एस०ए०आई० द्वारा पधारे प्रशिक्षक अमित भाटी ने प्रदान किया।
प्रशिक्षण में मुख्य निम्न बातों पर जोर –
1. व्यक्तिगत स्वच्छता
2. परिसर की स्वच्छता
3. एप्रन पहनना तथा पालिथिन की जगह कपड़े के थैले का इस्तेमाल करना बताया गया।
एफ०एस० विश्वविद्यालय के चान्सलर डा० दिलीप यादव ने पवित्र स्थान पर हर प्रकार से पवित्रता बनाए रखने की अपील की और कहा कि वह विश्वविद्यालय की ओर से कपड़े का थैला बनावाकर लोगों को मुफ्त वितरित करेगें ताकि पालिथिन का इस्तेमाल रूक सकें। मन्दिर प्रबन्ध समिति के चेयरमैन, प्रबन्धक और शिकोहाबाद के पूर्व चेयरमैन राजीव गुप्ता ने इस पहल की सराहना की और हर प्रकार से सहयोग देने को कहा। सहायक आयुक्त (खाद्य) चन्दन पाण्डेय ने पालिथिन इस्तेमाल न करने का संकल्प दोहराया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी यशपाल यादव ने सभी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन जारी किया। मन्दिर के महन्त जी ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया।
फूड सेफ्टी के लिए अधिकारी, व्यापारी लें बड़ी जिम्मेदारी – ए०डी०एम० (जे)
ए०डी०एम० न्यायिक ने एफ०एस०एस०ए०आई० के कार्यक्रमों को चलाने के लिए व्यापारियों, अधिकारियों में सेवाभाव का होना जरूरी बताया। आई०एम०ए० अध्यक्ष डा० पूनम अग्रवाल ने औषधियों की जानकारी आमजन में कैसे हो इसके लिए उपाय सुझाए। कार्यक्रम में अनिल मैनेजर, वी०एस० गुप्ता० और अखिलेश शर्मा आदि ने प्रतिभाग किया।







