नई दिल्ली।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है और इसके आगामी फरवरी में पूरी तरह चालू होने की पूरी संभावना है। अब दिल्ली से देहरादून पहुंचने में केवल ढाई घंटे का समय लगेगा जबकि अभी तक इस सफर में 5 से 6 घंटे लग जाते हैं।
इस नए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के चालू होने पर यह दूरी 250 किलोमीटर से घटकर 210 किलोमीटर हो जाएगी और यात्रा समय 6 घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे रह जाएगा। यह परियोजना न केवल समय बचाएगी बल्कि उत्तराखंड पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा देगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कुल लागत लगभग 11,869 से 13,000 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे 6-12 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे है, जहां अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा होगी।
इस एक्सप्रेसवे का डिजाइन इसको पर्यावरण-अनुकूल बनाता है। इसमें राजाजी नेशनल पार्क से गुजरते हुए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर है। यहां 6 एनिमल अंडरपास हैं, ताकि हाथी, बाघ जैसे वन्यजीव सुरक्षित आवागमन कर सकें। जंगल से गुजरते हुए इसमें कुल 100 से अधिक अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और बारिश के पानी के संचयन की व्यवस्था है। इसके निर्माण के दौरान करीब 18,000 पेड़ काटे गए, लेकिन इसके बदले 50,000 से अधिक नए पेड़ लगाए जा रहे हैं।







