नई दिल्ली।
भारत और रूस मिलकर बनाएंगे छोटे रनवे का बाहुबली सुखोई के डिजाइन वाला सुपरजेट-100 विमान। इसके लिए भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) में बड़ी डील हुई है। इस मेगा डील पर UAC के सीईओ वादिम बादेहा और HAL के चेयरमैन डॉ. डी.के. सुनील ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इस समझौते के तहत एचएएल को भारत में सुपरजेट-100 बनाने का लाइसेंस मिलेगा। निर्माण के साथ ही बिक्री, मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा भी एचएएल के पास होगा। रूसी कंपनी तकनीकी मदद और डिजाइन सर्विसेस देगी, ताकि एचएएल की फैक्ट्रियों में इस वर्ल्ड-क्लास विमान का उत्पादन हो सके।
भारत में बनने के कारण इसकी लागत कम हो जाएगी जिसका सीधा फायदा यात्रियों को सस्ती टिकट के रूप में मिल सकता है। सुखोई सुपरजेट-100 दुनिया के सबसे आधुनिक रीजनल जेट्स में से एक है, जिसे रूस की मशहूर कंपनी ‘सुखोई’ ने डिजाइन किया है। इसे बनाने वाले इंजीनियर वही हैं जिन्होंने दुनिया के बेहतरीन फाइटर जेट्स डिजाइन किए हैं। लेकिन, सुपरजेट-100 एक सिविलियन विमान है।
अभी तक भारत अपने पैसेंजर विमानों के लिए पूरी तरह अमेरिका की बोइंग या फ्रांस की एयरबस पर निर्भर था। एचएएल की यह पहल भारत को सिविल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग के अंत पर खड़ा कर देगी। यानी जल्द ही वह दिन आएगा जब आप टिकट बुक करेंगे और विमान के दरवाजे पर लिखा होगा- मेड इन इंडिया.







