आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में आंगनवाड़ी की कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सुबह 5 बजे धावा बोला 

विजयवाड़ा।

आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में आंगनवाड़ी की कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सुबह 5 बजे धावा बोल दिया और सो रही कार्यकर्ताओं को पुलिस वैन में भरकर पुलिस स्टेशन ले गए। जब कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चलो विजयवाड़ा का आह्वान किया। राज्यभर से हजारों कार्यकर्ता विजयवाड़ा पहुंचीं और धरना चौक पर सामूहिक प्रदर्शन शुरू किया। सरकार की ओर से बातचीत के लिए नहीं बुलाए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने रातभर धरना जारी रखा, लेकिन तड़के करीब सुबह 5 बजे पुलिस ने धरना स्थल पर कार्रवाई करते हुए सो रही महिलाओं को घेरकर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। कई कार्यकर्ताओं को उसी स्थिति में उठाकर बसों में बैठाया गया और एलुरु, सत्तेनपल्ली और नरसरावपेट के पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।

पिछले चुनाव में चंद्रबाबू नायडू नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और संबंधित कर्मचारियों के साथ न्याय किया जाएगा, लेकिन 22 महीने बीत जाने के बाद भी वेतन वृद्धि पर कोई फैसला नहीं लिया गया। पी. मणि ने कहा कि हमने कई बार ज्ञापन दिए, जिला और मंडल स्तर पर धरने किए, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब तक वेतन वृद्धि की घोषणा नहीं होगी, हम यहां से नहीं जाएंगे।”

मौजूदा समय में आंध्रप्रदेश में आंगनवाड़ी सहायिका का वेतन 7000 और आंगनवाड़ी टीचर का वेतन 11,500 है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह वेतन बेहद कम है। यूनियन नेताओं ने पड़ोसी राज्य तेलंगाना का हवाला देते हुए कहा कि वहां आंगनवाड़ी कर्मचारियों के लिए 18,000 वेतन लागू किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तेलंगाना में यह संभव है, तो आंध्र प्रदेश में क्यों नहीं?

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