
नई दिल्ली।
धरती पर कई देश आपस में लड़ रहे हैं जबकि आसमान में कई गृह आपस में मिलन कर रहे हैं। 7 मार्च को शुक्र और नेपच्यून का तथा 8 मार्च को शुक्र और शनि का मिलन होगा। खगोलविदो ने बताया कि पहले दिन 7 मार्च को शुक्र और नेपच्यून का मिलन होगा। ये एक-दूसरे से मात्र 0°04′ की दूरी पर होंगे, जो कि अत्यंत निकट है। दूसरे दिन 8 मार्च की शाम को शुक्र ग्रह और शनि ग्रह का मिलन होगा। इनके बीच की दूरी लगभग 1 डिग्री जोकि आकाश में एक उंगली की चौड़ाई के बराबर होगी।
भारत में यह खगोलीय घटना पश्चिमी क्षितिज पर सूर्यास्त के तुरंत बाद देखी जा सकती है। लेकिन सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद तक ही ये खगोलीय घटना दिखाई देगी क्योंकि उसके बाद ये ग्रह बहुत नीचे होंगे और जल्द ही क्षितिज के नीचे अस्त हो जाएंगे।
शुक्र ग्रह को बिना दूरबीन भी आंखों से चमकते हुए सफेद ‘तारे’ के रूप में देख सकते हैं। शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 3.8 होगा जबकि शनि ग्रह थोड़ा धुंधला दिखाई देगा एवं इसका मैग्नीट्यूड 1.0 होगा जो कि शुक्र के ऊपर या बराबर में दिखाई देगा। इसे भी बिना दूरबीन नग्न आंखों से देखा जा सकता है।







