
नई दिल्ली।
पीएम मोदी ने जनता से तेल खपत कम करने की अपील की थी, तो वही अपील उन्होंने अपने पर भी लागू की है। अब पीएम काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां ही चलती हैं। ऐसा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संदेश दिया है कि वैश्विक तेल संकट में हम सभी को समझदारी से काम करना चाहिए।
मिडिल ईस्ट में बने हालातों के बाद से दुनिया एक तरफ ऊर्जा संकट और व्यापारिक नुकसान झेल रही है, तो वहीं युद्ध का असर भारत पर भी पड़ा है। भारत ईरान, रूस समेत अन्य देशों से क्रूड ऑइल खरीदता है। इसी को लेकर पीएम मोदी ने तेल बचाने की अपील की थी। लेकिन कुछ विपक्षी लोग सिर्फ कुत्ते की तरह भौंककर विरोध करना जानते हैं जबकि उस विरोध का अर्थ और असर वे नहीं जानते।
पीएम मोदी ने खुद की बात पर अमल करते हुए काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। उनके काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां नजर आ रही हैं। बुधवार को जो तस्वीर सामने आई है, उसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले का आकार काफी कम कर दिया है। SPG प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा के जरूरी पहलुओं को बरकरार रखते हुए गाड़ियों की संख्या में यह कमी की गई है।
पीएम अपने काफिले में सिर्फ दो गाड़ियों के साथ सफर करते हैं। शुरू में PM के काफिले में 12-15 गाड़ियां होती थीं। इनमें बख्तरबंद मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड्स, रेंज रोवर्स, टोयोटा फॉर्च्यूनर्स, एस्कॉर्ट गाड़ियां, जैमर यूनिट, डिकॉय कारें और एक एम्बुलेंस शामिल होती है।
पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा भाजपा शासित कई मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले की गाड़ियों को कम कर दिया है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नरेंद्र मोदी जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर पुनः सिद्ध किया है कि वे सही मायने में देश के ‘प्रधानसेवक’ हैं। जब नेतृत्व स्वयं मिसाल पेश करता है, तो वह जन-आंदोलन बन जाता है।






