विश्व थायरॉयड दिवस 25 मई, शरीर की ‘जैविक घड़ी’ (Biological Clock) और ऊर्जा नियंत्रण केंद्र है “थायरॉयड ग्रंथि”

शरीर में छोटी ग्रंथि है “थायरॉयड ग्रंथि”। गर्दन के अग्रभाग में स्थित तितली के आकार की यह सूक्ष्म अंतःस्रावी (Endocrine) ग्रंथि शरीर की ऊर्जा, चयापचय, मानसिक विकास, तापमान नियंत्रण, हृदय गति, वृद्धि तथा प्रजनन स्वास्थ्य जैसी अनेक जीवन-प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है। यही कारण है कि इसे शरीर की ‘जैविक घड़ी’ (Biological Clock) और ऊर्जा नियंत्रण केंद्र भी कहा जाता है।

बदलती जीवन शैली, असंतुलित खान-पान, मानसिक तनाव, प्रदूषण तथा हार्मोनल असंतुलन जैसी परिस्थितियों ने थायरॉयड विकारों को एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना दिया है। इन विकारों का प्रभाव केवल शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर भी पड़ता है। इसी संदर्भ में प्रतिवर्ष 25 मई को विश्व थायरॉयड दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को थायरॉयड रोगों के प्रति जागरूक करना, प्रारंभिक जांच को बढ़ावा देना तथा बेहतर स्वास्थ्य नीतियों पर विचार करना है।

विश्व थायरॉयड दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 में वैश्विक स्तर पर थायरॉयड रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई। इस पहल का प्रमुख लक्ष्य केवल रोगों की जानकारी देना नहीं, बल्कि प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना भी है।

थायरॉयड ग्रंथि गर्दन के सामने सांस नली के ऊपर तथा स्वरयंत्र के नीचे स्थित होती है। इसके दो भाग होते हैं, जो मध्य में एक पतली संरचना से जुड़े रहते हैं और इसे तितली जैसा आकार प्रदान करते हैं। यह मुख्यतः तीन महत्वपूर्ण हार्मोन से संबंधित है। थायरोक्सिन (T4), यह शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला हार्मोन है। ट्रायोडोथायरोनिन (T3), यह अधिक सक्रिय हार्मोन होता है और कोशिकाओं की कार्यक्षमता को नियंत्रित करता है। थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH), यह मस्तिष्क की पीयूष ग्रंथि से निकलता है तथा थायरॉयड हार्मोन के निर्माण को नियंत्रित करता है।

जब थायरॉयड ग्रंथि आवश्यक मात्रा से कम हार्मोन बनाती है तो अत्यधिक थकान, वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना, अवसाद और सुस्ती, त्वचा का रूखा होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। ये हाइपोथायरॉयडिज्म (Hypothyroidism) के लक्षण हैं।

जब ग्रंथि आवश्यकता से अधिक हार्मोन बनाने लगती है तो अचानक वजन घटना, बेचैनी और घबराहट, हृदय गति बढ़ना, अधिक पसीना आना, नींद की समस्या आदि विकार दिखाई देते हैं। ये हाइपरथायरॉयडिज्म (Hyperthyroidism) के लक्षण होते हैं।

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