आगरा में दस्त रोको अभियान के अंतर्गत सीएमओ ने प्रचार वहां को हरी झंडी दिखाई, गली-मोहल्लों में पहुंचकर डायरिया के प्रति लोगों को जागरूक करेंगें

 

-दस्त रोको अभियान को एसीएमओ ने दिखाई हरी झंडी, बोले- बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

-25 अगस्त तक चलने वाले डायरिया रोको अभियान में पीएसआई इंडिया व केनव्यू कर रहे सहयोग

आगरा,
जनपद में डायरिया की रोकथाम व जागरुकता के लिए 25 अगस्त तक प्रचार वाहन चलाए जाएंगे। डायरिया रोको अभियान के तहत शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदन सिंह और अर्बन नोडल डॉ. रिषि ने तीन प्रचार वाहनों को रवाना किया। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर समुदाय को शून्य से पांच साल तक के बच्चों में डायरिया के लक्षण, कारण और बचाव आदि के बारे में प्रचार-प्रसार करेंगे।

डीआईओ ने कहा कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए डायरिया के प्रति जागरूकता सम्बन्धी संदेशों वाले पोस्टर-बैनर से सुसज्जित यह प्रचार वाहन जन-जन तक डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने का सन्देश पहुंचाएंगे। डॉ. रिशी गोपाल ने कहा कि जिले में 25 जून से 25 अगस्त तक डायरिया रोको अभियान चलाया जा रहा है। डायरिया रोको अभियान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू भी “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं। अभियान की इस साल की थीम-“स्वच्छ जल, समुचित उपचार- डायरिया से बचें हर बार” तय की गयी है। अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, ओआरएस व जिंक के उपयोग को प्रोत्साहन और समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि बारिश और उमस में बच्चा डायरिया की चपेट में कई कारणों से आ सकता है, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करना आदि। इसलिए शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। डायरिया का सही इलाज ओआरएस का घोल और जिंक के टेबलेट हैं, जिन्हें उम्र के अनुसार निश्चित अवधि तक जरूर दें।

उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हो तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए, साथ ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबन्धक कुलदीप भारद्वाज , आकाश गौतम,कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी के अलावा पीएसआई इंडिया से पंकज कुमार व आरती और सोनल भी मौजूद रहे।

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