
गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक बड़े स्लीपर सेल का भंडाफोड़ किया है। जो गुजरात में सक्रीय था और मदरसों में नए नए आतंकवादी बनाने का काम कर रहा था। युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग देते थे, बम बनाने, विस्फोट करने, हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते थे।
जाँच के दौरान इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मॉड्यूल के तार सीधे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश के हेडक्वार्टर मरकज सुभान अल्लाह और सरगना मसूद अजहर से जुड़े हैं। जैश कैसे Gen-Z और मदरसा छात्रों को निशाना बना रहा है, गुजरात मॉड्यूल कैसे काम कर रहा था और ATS को अब तक क्या-क्या सुराग मिले हैं।
आजकल आतंकवाद सीमा पार से नहीं, बल्कि स्मार्टफोन के जरिए घुसपैठ कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी आका इंटरनेट के जरिए स्थानीय युवाओं के संपर्क में थे। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा इस मॉड्यूल का मुख्य ‘रेडिकलाइजर’ (कट्टरपंथी बनाने वाला) था। वह अन्य सदस्यों को मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण, वीडियो और जिहादी साहित्य भेजा करता था।
भारतीय एजेंसियों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में बहावलपुर स्थित जैश के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद जैश ने अपनी रणनीति बदलते हुए गुजरात को चुना। कारण गुजरात देश की आर्थिक रीढ़ है और इसके तटीय तथा सीमावर्ती इलाके हमेशा संवेदनशील रहे हैं। यहां अशांति फैलाने का मतलब पूरे देश की अर्थव्यवस्था को चुनौती देना है।









