अब कारों को भी हो सकता है साइबर अटैक का खतरा, आपकी कार भी हैक हो सकती है, हैकर आपकी कार को कहीं भी बंद कर सकता है

अब नई तकनीक से स्मार्टफोन की तरह कार भी लगातार अपडेट हो रही हैं। पहले किसी नए फीचर या सॉफ्टवेयर की समस्या को ठीक कराने के लिए कार को सर्विस सेंटर ले जाना पड़ता था, लेकिन अब कई कंपनियां ओवर-द-एयर (Over-the-Air या OTA) तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसकी मदद से कार का सॉफ्टवेयर इंटरनेट के जरिए घर बैठे ही अपडेट किया जा सकता है।

तकनीक तो अच्छी है और उपभोक्ताओं को सुविधा भी मिल रही है। Tesla ने साल 2012 में सबसे पहले अपनी Model S कारों में OTA अपडेट देना शुरू किया था। इसके बाद कई बड़ी कार कंपनियों ने भी इस तकनीक को अपनाया है। OTA अपडेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कार मालिक को छोटी-मोटी सॉफ्टवेयर दिक्कतें ठीक कराने या नए फीचर्स पाने के लिए बार-बार सर्विस सेंटर नहीं जाना पड़ता। इंटरनेट के जरिए कंपनी सीधे कार में नया सॉफ्टवेयर भेज देती है। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है. हालांकि, इस तकनीक ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक के कई फायदे हैं, लेकिन इसके साथ कुछ गंभीर खतरे भी जुड़े हुए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी कार का सॉफ्टवेयर इंटरनेट से जुड़ा है, तो वह हैकर्स और साइबर अपराधियों के निशाने पर भी आ सकता है। ऐसे में वाहन का डेटा चोरी होने, सिस्टम हैक होने या कार के कुछ डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ करने का खतरा बढ़ सकता है। CNBC की रिपोर्ट के अनुसार कोई विदेशी हैकर किसी चलती हुई गाड़ी के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंच जाए, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इसी वजह से कई देश इस तकनीक को लेकर सतर्क हैं।

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