अंतरिक्ष में स्थापित हुआ देश का पहला जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट, EOS-05 पृथ्वी से 36,000 किलोमीटर ऊपर स्थिर रहकर भारत और उसकी सीमाओं पर 24 घंटे नजर रखेगा

भारत का पहला जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित हो गया है। EOS-05 पृथ्वी से 36,000 किलोमीटर ऊपर स्थिर रहकर भारत और उसकी सीमाओं पर 24 घंटे नजर रखेगा।
इसरो के लगभग 16,500 वैज्ञानिक, इंजीनियर और सहायक कर्मचारी थकान, दबाव और अपेक्षाओं के बावजूद महज 19 मिनट के भीतर, यानी सुबह 3:14 बजे, ISRO के ‘नॉटी बॉय’ कहे जाने वाले GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर भारत को अंतरिक्ष में एक रणनीतिक और तकनीकी विजय दिला दी है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 4 सितंबर 2026 की अलसुबह ठीक 2:55 बजे, जब पूरा देश गहरी नींद में था, तब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिक बड़ी ऐतिहासिक चुनौती का सामना कर रहे थे। लगातार दो असफलताओं के बाद, इसरो ने GSLV-F17 के सफल प्रक्षेपण के साथ शानदार वापसी की है। ‘नॉटी बॉय’ कहे जाने वाले इस रॉकेट ने EOS-05 उपग्रह को उसकी कक्षा में स्थापित किया।

इस सफल लॉन्च से भारत की प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की निगरानी करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है, जिससे भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। इससे मौसम की सटीक भविष्यवाणी और प्राकृतिक आपदाओं की पहले से चेतावनी मिलने में मदद मिलेगी।

जहां नार्मल सैटेलाइन सिर्फ समय-समय पर तस्वीरें भेजते हैं, वहीं EOS-05 एक निश्चित क्षेत्र की लगातार लाइव वीडियो निगरानी प्रदान करेगा। निचली कक्षा के उपग्रहों के विपरीत, EOS-05 पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर स्थिर रहकर भारत और उसकी सीमाओं पर 24 घंटे नजर रख सकेगा।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस सफलता को ‘अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए एक और बड़ी छलांग’ बताया। उन्होंने कहा, GSLV-F17/EOS-05 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की पूरी टीम को बधाई। ISRO अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन के नेतृत्व में मिली यह कामयाबी न केवल हालिया असफलताओं के बाद भारत के आत्मविश्वास को बहाल करती है, बल्कि आगामी मानवरहित ‘गगनयान’ मिशन के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करती है। इसरो का यह ‘नॉटी बॉय’ अब पूरी तरह परिपक्व हो चुका है।

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