अमेरिका ईरान के पुल या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा, तो ईरान पश्चिम एशिया से सभी तेल निर्यात रोक देगा

अमेरिकी सेना ने बुधवार शाम करीब 5:30 बजे ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा, “यह मिशन ईरान की आम नागरिक नाविकों और क्षेत्रीय जलमार्ग में चल रहे वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने की क्षमता को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर गोली, मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला करता है, तो अमेरिका ईरान के पुल या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि इस हमले में तेहरान के पास या अंदर स्थित प्लांट भी शामिल हो सकते हैं।

द वाशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 68% अमेरिकी वयस्क ईरान के साथ युद्ध को उचित नहीं मानते, जबकि केवल 28% लोगों ने इसे सही ठहराया है। इससे पहले मंगलवार देर रात भी अमेरिका के हमलों के बाद तेहरान में वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गई थीं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल सीमा के पास जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल हमला किया।

ईरानी सैन्य मुख्यालय ‘खातम अल-अनबिया’ ने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है, तो ईरान पश्चिम एशिया से सभी तेल निर्यात रोक देगा और पूरे क्षेत्र में तेल, गैस, बिजली तथा आर्थिक ढांचे को निशाना बनाएगा। ईरान ने आगे कहा कि अमेरिका की लगातार धमकियां इस युद्ध को पूरे क्षेत्र और उससे आगे तक फैलाने का कारण बनेंगी।

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