
आगरा।
महामना मालवीय मिशन आगरा संभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। इस अवसर पर कुछ शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके उपरांत काशी हिंदू विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिशन के महासचिव राकेश चन्द्र शुक्ला ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाले मार्गदर्शक हैं। भारत की महान गुरु-शिष्य परंपरा ने शिक्षा को सदैव संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति से जोड़ा है। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार मानते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस हमें अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उनके आदर्शों एवं मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। संस्कारित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मिशन की उपाध्यक्ष तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नीलम यादव ने भाषा के महत्व तथा शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा व्यक्ति के विचारों और संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम का संचालन मिशन की सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रमुख श्रुति सिंह ने किया। इस अवसर पर डी.के. पांडे, डॉ. संध्या बघेल, राजीव यादव, हिमांशु सिंह, अनिल चौहान, उमेश कुमार, नम्रता विरयानी, राखी कुशवाह, डॉ. राम प्रकाश सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कुछ शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए किया गया।









