सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को गंगा किनारे नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच सभी अनधिकृत ढांचों, निर्माणों और कब्जों को हटाने के आदेश दिए

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को गंगा किनारे नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच सभी अनधिकृत ढांचों, निर्माणों और कब्जों को 6 हफ्ते में हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने बिहार सरकार को गंगा किनारे नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच सभी अनधिकृत ढांचों, निर्माणों और कब्जों को हटाने के लिए 6 हफ्ते का टाइम दिया है।

कोर्ट ने सभी राज्यों को गंगा किनारे हुए कब्ज़ों के बारे में जानकारी देने का एक आखिरी मौका भी दिया और चेतावनी दी कि अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो वह संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब करेगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने गौर किया कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद नौज़र घाट और नूरपुर घाट के बीच कब्ज़ों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था। खास बात यह है कि कोर्ट ने निर्देश दिया कि उसके निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए, चाहे कोई भी आदेश लागू हो।

12 मार्च 2026 को कोर्ट ने देखा था कि दीघा घाट और नौज़र घाट के बीच पहचाने गए 213 अतिक्रमणों में से सिर्फ़ 58 को ही हटाया गया था. जबकि 145 अभी भी बने हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाई कोर्ट या जिला अदालतों द्वारा पारित किसी भी अंतरिम आदेश के बावजूद उसके आदेश का पालन किया जाए।

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