नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर सुविधा 2.0 के नाम पर ठगी के प्रति यात्रियों के लिए अलर्ट जारी किया, सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म सबमिट करने के लिए कोई फीस नहीं

नई दिल्ली।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आधिकारिक एयर सुविधा 2.0 प्लेटफॉर्म होने का दावा करने वाली फर्जी वेबसाइट्स और पोर्टल के खिलाफ चेतावनी जारी की है, जो यूजर्स को पेमेंट गेटवे पर रीडायरेक्ट कर देते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एयर सुविधा 2.0 की सेवाएं निःशुल्क हैं और यात्रियों को सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म सबमिट करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। मंत्रालय ने बताया कि एयर सुविधा 2.0 का असली पोर्टल एक सरकारी वेबसाइट है, जो यात्रियों की सुविधा के लिए ही बनाया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 17 मई को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में इबोला वायरस रोग के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के बाद एयर सुविधा 2.0 प्लेटफॉर्म को पेश किया गया है। इसे भारत आने वाले यात्रियों के लिए आसान और परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य निगरानी को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजाइन किया गया।

एयर सुविधा सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले यात्रियों द्वारा भरा जा सकता है और भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपना सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म पहले से जमा करना अनिवार्य है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएलएल) के सहयोग से ‘एयर सुविधा 2.0’ की शुरुआत की थी, जो एक एडवांस्ड और पूरी तरह से संपर्क रहित यात्री स्वास्थ्य सेल्फ डिक्लेरेशन पोर्टल है। इसका उद्देश्य इबोला वायरस के प्रकोप से पैदा हुई चिंताओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय एंट्री प्वाइंट्स पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को बढ़ाना है।

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