समुद्री अनुसंधान और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में भारत का बड़ा कदम, स्वदेशी अत्याधुनिक “ओआरवी समुद्र मंथन” अनुशंधानिक पोत लॉन्च किया

समुद्री अनुसंधान और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारत ने समुद्री अनुसंधान और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने के लिए स्वदेशी “ओआरवी समुद्र मंथन” अनुशंधानिक पोत लॉन्च किया है। यह पोत समुद्री खोज एवं अनुसन्धान से संबंधित अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है।

“ओआरवी समुद्र मंथन” को रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी गार्डन रीछ इंजीनियर्स लिमिटेड ने डिजाइन, किया है। इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत National Centre for Polar and Ocean Research (NCPOR) के लिए बनाया गया है। यह पोत अत्यधिक कठिन समुद्री परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है। यह Southern Ocean जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी संचालन कर सकेगा और इसकी अनुमानित सेवा अवधि 30 वर्ष है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पोत के लॉन्च की गति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होने के सिर्फ दो साल के भीतर और keel laying के करीब पांच महीने बाद पोत को लॉन्च करना असाधारण दक्षता को दर्शाता है। ORV Sagar Manthan के जरिए हिंद महासागर की मिड-ओशनिक रिज में बहुआयामी समुद्री अनुसंधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य बहु-धातु वाले हाइड्रोथर्मल सल्फाइड खनिजों की पहचान, पर्यावरणीय आधारभूत आंकड़े तैयार करना, ऊपरी वायुमंडल से संबंधित डेटा जुटाना और CTD प्रोफाइलिंग करना है।

पोत में कई आधुनिक तकनीकें और उपकरण लगाए गए हैं। इनमें Dynamic Positioning, Multibeam Bathymetry, Multichannel Seismic Systems, Sub-bottom Profiling, Weather Radar और Drop Keels शामिल हैं। इसके अलावा इसमें Remotely Operated Vehicles (ROV) और Autonomous Underwater Vehicles (AUV) को समुद्र में तैनात करने की सुविधा भी है।

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