
जैस्मीन लेम्बोरिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। गोल्ड मेडल जीतने के बाद जैस्मीन ने आईएएनएस से कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार, जब हम साल 2022 में यहां आए थे, तो मैं युवा थी और मेरे पास ज्यादा अनुभव नहीं था, इसलिए मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। लेकिन इस बार मैंने बहुत मेहनत की और उस मेहनत का फल मिला है। मेरी फाइट्स काफी अच्छी थीं। आयरलैंड की बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट रह चुकी थीं। कोच ने उनके खिलाफ रणनीति बनाई थी और आखिरकार हम कामयाब रहे।”
इंडियन आर्मी में कार्यरत 24 वर्षीय जैस्मीन ने 2025 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। वह वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में दो गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। जैस्मीन की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद हरियाणा के भिवानी में उनके परिवार में जश्न का माहौल है।
जैस्मीन के पिता जयवीर लेम्बोरिया ने पत्रकारों से कहा, “फाइनल मुकाबले के दौरान हमारे दिल की धड़कनें तेज थीं, लेकिन उन्होंने सपना पूरा कर दिया। वह 10 वर्षों से बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रही हैं। जब वह स्वदेश लौटेंगी, तो उनका जोरदार स्वागत होगा। उन्हें चूरमा पसंद है। उनके लिए हम इसे बनाएंगे।” जैस्मीन की मां जोगेंद्र ने कहा, “मेरी बेटी ने गोल्ड मेडल जीता है। मैं बहुत खुश और गर्व महसूस कर रही हूं। मुझे अपनी बेटी से यही उम्मीद थी और उसने मेरी उम्मीदों को पूरा किया है।”









