
गुलवीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के 2 अलग-अलग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में किसी ने भी ऐसा नहीं किया है। वो एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के 2 अलग-अलग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
गुलवीर सिंह ने इससे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10000 मीटर की रेस में सिल्वर मेडल जीता। फिर 5000 मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। भारतीय सेना में नायक सुबेदार के पद पर तैनात गुलवीर सिंह ने लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग में अफ्रीकी धावकों के बरकरार दबदबे को लेकर पूछे सवाल पर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि वो भी हमारी तरह इंसान ही हैं, फिर हम उन्हें क्यों नहीं हरा सकते?
गुलवीर सिंह से जब उनके माथे पर लगे तिलक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद को हनुमान जी का भक्त बताया और कहा कि वो हर रोज उनकी पूजा करते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी बताया कि हनुमान जी उनका बहुत साथ देते हैं।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले 27 साल के गुलवीर सिंह ने सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ने की शुरुआत की थी, जिसमें साल 2018 में वह भारतीय सेना का हिस्सा बन गए थे। वहीं सेना में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने दौड़ना जारी रखा जिसके दम पर गुलवीर को एथलेटिक्स में हिस्सा लेने का मौका मिला। गुलवीर ने साल 2022 के एशियन गेम्स में 10 हजार मीटर दौड़ में हिस्सा लेने लिया था जिसमें वह कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा गुलवीर ने जब साल 2026 में हाफ मैराथन को सिर्फ 59 मिनट 42 सेकेंड में पूरा किया था तो वह पहले ऐसे भारतीय एथलीट बन गए जो इस दौड़ को एक घंटे से कम समय में खत्म करने में कामयाब हो सके।










