
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के युवाओं का तन-मन से स्वस्थ, आत्मविश्वास से भरपूर और नशे जैसी घातक आदतों से दूर रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियान का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है। जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तब यह आवश्यक है कि युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, आत्मविश्वास से भरपूर हों और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा दूर रहें।
युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे इस बड़े अभियान के लीडर हैं। युवा भारत की ‘अमृतपीढ़ी’ हैं और अगले 20-25 वर्षों में वे अपने जीवन को दिशा देने के साथ 2047 तक देश को विकसित भारत की मंजिल तक पहुंचाएंगे। उन्होंने परिवारों से अपील की कि यदि घर का कोई बच्चा नशे का शिकार हो गया है तो सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में इसे छिपाया नहीं जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों और चिकित्सा सहायता की मदद लेकर बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत नशे के खिलाफ आंतरिक शक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज नशा छोड़ने के लिए पुनर्वास केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों से भी अपील की कि वे पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ छात्रों से ड्रग्स के खतरों पर बातचीत करें। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता का आंदोलन चलाया जाना चाहिए और शिक्षकों के प्रयास इसके सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं।












