
अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। हादसे के वक्त वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल ये है कि पिछले साढ़े तीन साल से फरार चल रही शाइस्ता परवीन अपने बेटे के जनाजे में शामिल होगी?
क्योंकि 13 अप्रैल 2023 को बेटे असद अहमद के एनकाउंटर, 15 अप्रैल 2023 को पति अतीक अहमद और देवर अशरफ की हत्या के बाद भी शाइस्ता कभी सामने नहीं आई। पुलिस को उम्मीद थी कि वह अंतिम संस्कार में पहुंचेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पुलिस की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
शाइस्ता की तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ, एटीएस, स्थानीय इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों ने पिछले तीन सालों में व्यापक अभियान चलाया। यूपी के 13 जिलों में लगातार छापेमारी हुई। तलाश का दायरा बढ़ाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और दिल्ली समेत 9 राज्यों तक ले जाया गया। 500 से अधिक स्थानों पर दबिश दी गई, एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस जारी हुआ, तस्वीरें विभिन्न राज्यों की पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भेजी गईं, फिर भी आज तक शाइस्ता नहीं पकड़ी गई।
जिस साइस्ता पर 50000 का ईनाम पुलिस ने बोल रखा है, जो तीन साल से अधिक समय से फरार है, 7 मुकदमों में पुलिस उस तलाश कर रही है, जो अपने बड़े बेटे के एनकाउंटर होने पर उसके जनाजे में शामिल नहीं हुई, जो अपने पति और अपने देवर के जनाजे में भी शामिल नहीं हुई, उस पर अब अबान की मौत के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नजर जनाजे पर टिकी रहेगी, कि शायद उसकी झलक मिल जाये और उसे पकड़ा जा सके।









