बाढ़ से 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 39 राजस्व सर्किलों के 481 गांवों में तबाही, स्थिति चिंताजनक

असम के गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने सार्वजनिक सलाह जारी कर आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और स्थिति में सुधार होने तक नदी से दूर रहने का का आग्रह किया है।

असम में बाढ़ से 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। एएसडीएमए के नवीनतम बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, 39 राजस्व सर्किलों के 481 गांवों में 1,68,701 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 14,382 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है, जिससे कई जिलों में कृषि गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में 133 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों को चालू रखा है। कुल 10,111 विस्थापित लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि 35,596 अन्य लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता मिल रही है। राहत एजेंसियों ने प्रभावित परिवारों में चावल, दालें, खाद्य तेल, पशु चारा और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित की हैं।

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन 9 अगस्त से शुरू होगा। राहत पैकेज के अनुसार, हर पात्र परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए 15,000 रुपए की अंतरिम वित्तीय सहायता मिलेगी। ‘ओरुनोदोई योजना’ के लाभ को एक महीने के लिए बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दिया गया है, जबकि सबसे अधिक प्रभावित जिलों (शिवसागर और चराइदेव) के परिवारों को 10,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।

सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जरूरत के 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है। इसके अलावा, बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। राहत उपायों के तहत, राज्य ने लोन चुकाने पर छह महीने की मोहलत, बिजली बिल और जमीन के लगान (खज़ाना) की माफी और लोन चुकाने की अवधि बढ़ाने की घोषणा की है।

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