
आगरा।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आने वाले समय में दुनिया की ताकत केवल हथियारों से तय नहीं होगी, बल्कि उन देशों की शक्ति अधिक होगी, जिनके पास अपने एआई मॉडल, अत्याधुनिक तकनीक और साइबर-कुशल युवा होंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शनिवार को होटल जेपी पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में आयोजित AI FutureReady Conclave 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई को केवल कुछ लोगों या संस्थानों तक सीमित रखने से इसका पूरा लाभ नहीं मिल सकता। इसे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हर हाथ में पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और स्टार्टअप्स को एआई तकनीक के लिए आवश्यक GPU सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
भारतीय एआई मॉडल और प्लेटफॉर्म अपनाने की अपील :
केंद्रीय राज्य मंत्री ने लोगों से भारतीय एआई मॉडल एवं सॉफ्टवेयर को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि देश में विकसित तकनीकों के उपयोग से डेटा की सुरक्षा और डेटा की संप्रभुता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी एआई क्षमता को मजबूत करते हुए स्वदेशी एआई इकोसिस्टम विकसित करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उत्तर प्रदेश बना विकास का ग्रोथ इंजन :
जितिन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के माध्यम से दुनिया के अनेक बाजार भारतीय कारोबारियों के लिए खुल रहे हैं। भारत के पास बड़ी युवा आबादी, विशाल बाजार और कुशल मानव संसाधन की ताकत है। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों को भारत को केवल एक बाजार के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि भारत में साझेदार बनकर काम करना चाहिए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कॉन्क्लेव का शुभारंभ :
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, डीसीएफएलआई एवं सीसीएलए के चेयरमैन पूरन डावर, डॉ. एमपीएस ग्रुप के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रो वाइस चेयरमैन वाई के गुप्ता, सीसीएलए के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राजेश गर्ग, एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, ओएनजीसी के निदेशक सत्यन कुमार, रोमसंस ग्रुप के एमडी किशोर खन्ना, प्रील्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, नेशनल चेंबर के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एआई, रोबोटिक्स, उद्योग, शिक्षा, कृषि, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और युवा नवाचारकर्ताओं ने विचार साझा किए।

एआई के उपयोग में पीछे रहे तो सुपर एआई में भी पिछड़ेंगे: योगेंद्र उपाध्याय
विशिष्टि अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि एआई विकास के लिए आवश्यक है और यह शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एआई का उपयोग नहीं किया गया तो हम तकनीकी विकास की दौड़ में पीछे रह जाएंगे और भविष्य में सुपर एआई के क्षेत्र में भी पिछड़ने का खतरा रहेगा।
प्रो. एसपी सिंह बघेल ने साझा किया Gen-Z का अनुभव :
केंद्रीय राज्य राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने अपने संबोधन में Gen-Z पीढ़ी की बदलती सोच और तकनीकी समझ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में नई पीढ़ी के विचार और तकनीकी दृष्टिकोण सुनने को मिले, जो आने वाले समय की दिशा को दर्शाते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के विकास, शिक्षा, रोजगार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने वाली महत्वपूर्ण तकनीक है उन्होंने युवाओं से AI एवं नई तकनीकों का ज्ञान प्राप्त कर बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया! साथ ही उन्होंने फिशिरी और डेरी उत्पादों का बढ़ता हुआ निर्यात पर भी प्रकाश डाला, उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों क़े बावजूद दुनिया भारत की तरफ देख रही है और प्रधानमंत्री क़े विज़न को सरकार करने क़े लिए सभी से अपना सहयोग देने की भी अपील की और AI की डाटा ड्रिवेन टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करने की भी अपील की।
एआई विकल्प नहीं, आवश्यकता बन चुका है: पूरन डावर
सीसीएलए एवं डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। एआई की मदद से छोटे शहर या एक गली में बैठा दुकानदार भी अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने मारीच की माया का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई की अवधारणा पूरी तरह नई नहीं है। मानव सभ्यता के विकास के साथ तकनीक लगातार बदलती रही है। उन्होंने कहा कि एआई मानव का विकल्प बनने के बजाय उसकी क्षमता और कुशलता को बढ़ाने वाला माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
पैनल डिस्कशन में एआई के विविध आयामों पर हुआ मंथन :
विभिन्न सत्रों में आयोजित पैनल डिस्कशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, शिक्षा, वित्त, विधि, उद्यमिता और उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने एआई की संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर विचार साझा किए। दिल्ली से पधारे असिस्टो टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामकृष्णन ‘रामा’ ने एआई आधारित तकनीकी नवाचारों और बदलते कारोबारी परिदृश्य पर विचार रखे। वहीं अरिव्यम टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रौद्योगिकी प्रमुख एवं एआई विशेषज्ञ गगन दीप ने एआई के व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की तकनीकी संभावनाओं पर प्रकाश डाला। जयपुर से पधारे हैबिलेलैब्स लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित धीर ने उद्योग, व्यवसाय और नवोद्यमिता के क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
आगरा के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने भी परिचर्चाओं में स्थानीय अनुभव और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए। इनमें टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष एवं क्लार्क्स शिराज के उपाध्यक्ष अमूल्य कक्कड़, जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर के उपाध्यक्ष हरि सुकुमार, ट्रैवल ब्यूरो आगरा के निदेशक सुयश गुप्ता, प्रेरक वक्ता पूनम सचदेवा, शिक्षाविद एवं सामाजिक उत्तरदायित्व व सतत विकास रणनीतिकार डॉ. बीना लवानिया, पुरवीराज म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक पूजा लूथरा तथा अधिवक्ता, यूवी ओवरसीज की विक्रय निदेशक एवं डांग शूज़ की संस्थापक संजिका डंग शामिल रहीं।
आईसीएसआई आगरा शाखा के अध्यक्ष सीएस अनुज अशोक अग्रवाल, सचिव सीएस नीतू अग्रवाल और सीएस अंचल जैन ने भी विभिन्न परिचर्चाओं में विचार रखे। परिचर्चाओं में एआई एवं उद्योग, पर्यटन एवं आतिथ्य, शिक्षा एवं कौशल विकास, महिला उद्यमिता, वित्तीय क्षेत्र, कॉरपोरेट प्रशासन, नवोद्यमिता और भविष्य की कार्यशैली जैसे विषयों पर मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई अब केवल तकनीकी बदलाव का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवसाय, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बन चुकी है।एआई एवं रोबोटिक्स नवाचारों में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा, उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद ने किया सम्मानित
एआई एवं रोबोटिक्स नवाचारों में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा, उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद ने किया सम्मानित
विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं रोबोटिक्स आधारित अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया। इस विशेष प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने तकनीक, नवाचार एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से विकसित अपने प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। प्रदर्शित प्रोजेक्ट्स का विशेषज्ञ ज्यूरी द्वारा विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के आधार पर उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार तथा ज्यूरी की विशेष पसंद (Jury’s Choice) श्रेणी में किया गया। चयनित प्रोजेक्ट्स की टीमों को केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र प्रसाद द्वारा ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार
* प्रथम पुरस्कार : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रोजेक्ट “DHRITAM” को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
* द्वितीय पुरस्कार : डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, आगरा के प्रोजेक्ट “DivyaMitra” को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
* तृतीय पुरस्कार : शारदा विश्वविद्यालय, आगरा के प्रोजेक्ट “Agri Form AI” तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के प्रोजेक्ट “Campus Buddy” को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
ज्यूरी की विशेष पसंद बने तीन प्रोजेक्ट
ज्यूरी द्वारा विशेष रूप से सराहे गए तीन प्रोजेक्ट्स को “ज्यूरी की विशेष पसंद (Jury’s Choice)” के रूप में सम्मानित किया गया। इनमें जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का “Project Alpha”, शारदा विश्वविद्यालय, आगरा का “SkillSync” तथा संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा का “AI Krishi” शामिल रहे।
AI FutureReady Conclave 2026 में प्रदर्शित इन प्रोजेक्ट्स ने यह दर्शाया कि देश के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में युवा प्रतिभाएं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं रोबोटिक्स के क्षेत्र में नए और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रही हैं। कृषि, शिक्षा, कौशल विकास और स्मार्ट तकनीकी समाधानों से जुड़े इन नवाचारों ने विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता एवं रचनात्मक सोच को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया।
रोबोटिक डॉग रहा आकर्षण का केंद्र :
एआई फ्यूचररेडी कॉन्क्लेव 2026 में लगी प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉलों पर अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इनमें जीएलए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया रोबोटिक डॉग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। एआई एवं रोबोटिक्स आधारित इस मॉडल को देखने के लिए प्रतिभागियों और आगंतुकों में खासा उत्साह नजर आया। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण कर रोबोटिक डॉग का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के इस नवाचार की सराहना की। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस मौके पर विधायक छोटेलाल वर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, आरएलडी जिलाध्यक्ष गोविन्द शर्मा, रोहित जैन, कुलदीप ठाकुर, योगेश सिंघल, प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन एफआईईओ (FIEO) उत्तर प्रदेश चैप्टर के अलोक श्रीवास्तव ने किया, व्यवस्थाएं डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की प्रिंसिपल राखी जैन, काव्य सिंह और विक्रम शास्त्री सीसीएलए के महासचिव अजय शर्मा, कन्वीनर ब्रजेश शर्मा, मुनेन्द्र बघेल, अविनाश वर्मा, सुहैल यासीन आदि ने संभालीं।









