
इजरायल के प्र्धानमंत्री नेतन्याहू ने गाजा से इजरायली सेना की वापसी के मुद्दे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ साफ शब्दों में दो टूक जवाब दिया है। नेतन्याहू का कहना है कि जब तक हमास हथियार नहीं छोड़ता, तब तक गाजा से इजरायली सेना की कोई वापसी नहीं होगी। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पिछले महीने ट्रंप द्वारा गाजा के लिए घोषित समझौते को खारिज कर दिया और कहा कि इजराइली सेना तब तक कोई वापसी नहीं करेगी जब तक हमास वास्तव में हथियार नहीं छोड़ देता। नेतन्याहू ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि इजराइल 15-सूत्रीय दस्तावेज को खारिज करता है लेकिन वाशिंगटन के साथ गाजा के लिए योजनाओं पर चर्चा जारी रखेगा। इजराइली सेना का लगभग 20 लाख आबादी वाले फिलिस्तीनी इलाके के आधे से अधिक हिस्से पर नियंत्रण है।
ट्रंप ने कहा था कि हमास आतंकवादी समूह के हथियार छोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने पर इजराइली सेना पीछे हट जाएगी। हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासेम नईम ने कहा, हम रोडमैप के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि समूह को उम्मीद है कि मध्यस्थ और अमेरिका नेतन्याहू पर दबाव डालेगा।
इजराइल ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा समझौते को ठुकरा दिया है। होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर ईरान और ओमान के बीच संभावित समझौते की जानकारी सामने आई है, क्योंकि तेहरान ने संकेत दिया है कि दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों को इस अहम जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने देश के लाल सागर तट पर सरकार के कब्जे वाले एक बंदरगाह पर हमला किया, जिससे रणनीतिक शिपिंग मार्गों के लिए खतरे और गृहयुद्ध की वापसी की आशंका बढ़ गई है।












