केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में एनीमिया मुक्त भारत अभियान पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में एनीमिया मुक्त भारत अभियान पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में एनीमिया की रोकथाम और उपचार को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय, लाभार्थी स्तर पर डिजिटल ट्रैकिंग और समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस दौरान एनीमिया मुक्त भारत अभियान के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन का शुभारंभ किया गया तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मानित किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एनीमिया से निपटने के प्रयासों को जीवन चक्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने जन जागरूकता बढ़ाने और गर्भावस्था के बाद भी किशोरों तथा युवा आयु वर्ग के लोगों को आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से जुड़े हस्तक्षेप उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने राज्य, जिला, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्तर पर संशोधित अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पुराने 6×6×6 ढांचे से मजबूत 7×7×7 दृष्टिकोण की ओर बढ़ने का उल्लेख करते हुए आयरन पूरक आहार के सेवन और अनुपालन में सुधार, जन भागीदारी बढ़ाने तथा राज्य स्तर के नवाचारों को मापने योग्य परिणामों में बदलने पर जोर दिया।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने एनीमिया से निपटने के लिए सहयोगात्मक और बहुक्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने सूक्ष्म पोषक तत्वों, आयरन और प्रोटीन के सेवन, आहार में विविधता तथा अंतर्निहित बीमारियों और अन्य चिकित्सकीय स्थितियों को उपचार के परिणामों से जोड़कर देखने पर जोर दिया।

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