
नई दिल्ली।
आजकल वर्गीय परिवारों के लिए कोचिंग कक्षाएं एक बहुत बड़ा बोझ बन चुकी हैं। बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए कोचिंग की आवश्यकता होती है और इसके लिए उनको भरी भरकम फीस चुकानी पड़ती है। जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सम्भव नहीं हो पाता है। इन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की हम चिंता करते हैं। हम चाहते हैं कि उनके बच्चे उनके आसपास रह कर पढ़ाई कर सकें और परिवार पर आर्थिक बोझ ना पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने का हमने निर्णय लिया है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। हमारे पास उत्तम प्रतिभाएं हैं, शिक्षक हैं। इन सभी संसाधनों को जोड़कर के हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का एक पूरा नेटवर्क हम खड़ा करने वाले हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का युवा बचपन से ही प्रौद्योगिकी की दिशा में आकर्षित हो इसके लिए भी सरकार ने 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब छोटे-छोटे बच्चों के हवाले कर दिया ताकि वे नवोन्मेष और प्रौद्योगिक के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि आज देश में ढाई लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप हैं और अब कृत्रिम मेघा के क्षेत्र में भी तेज गति से काम हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘लाल किले से मैं देश के नौजवानों के लिए घोषणा कर रहा हूं। हमने तय किया है आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई के लिए प्रशिक्षण देने का हम काम करेंगे ताकि हमारे देश का नौजवान एआई की दुनिया में भी नेतृत्व करने का सामर्थ्य दिखा सके।’’









