
कुंभी चीनी मिल में एशिया का पहला बायो प्लास्टिक प्लांट बनाया जा रहा है। इसके लिए 308 पहियों के सहारे हाइड्रोलिक ट्रक पर करीब 200 टन वजनी औद्योगिक वेसल लादकर कुंभी चीनी मिल के बायो प्लास्टिक प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। यह वेसल बेल्जियम से आयात किया गया है।
सड़क पर चलता यह 308 पहियों वाला महाट्रक किसी अजूबे से कम नहीं है। जहां से भी यह गुजरता है वहां लोगों का हुजूम इसे देखने के लिए उमड़ पड़ता है। इसकी रफ्तार भी सामान्य वाहनों जैसी नहीं है। कई जगह एक घंटे में महज छह-सात किलोमीटर की दूरी ही तय हो पा रही है।
यह वेसल बेल्जियम से समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा। इसके बाद इसे विशेष हाइड्रोलिक ट्रक के जरिये सड़क मार्ग से कुंभी लाया जा रहा है। इस बायो प्लास्टिक प्लांट पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत आयेगी और यह अपनी तरह का एशिया का पहला प्लांट होगा।
वेसल को सुरक्षित पहुंचाना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। वाहन के किसी जिले में प्रवेश से पहले वहां के प्रशासन को सूचना दी जा रही है। मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन और भीड़ को नियंत्रित करने के इंतजाम किए जा रहे हैं।







