
दिल्ली (बुराड़ी)-
समाज में सफलता के सर्वोच्च शिखरों को छूने के बाद भी अपनी जड़ों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े रहने की एक अद्वितीय मिसाल देखने को मिली, जब उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-कुशीनगर की माटी की बेटी, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुपरमॉडल और ‘दीप्ति फिल्म प्रोडक्शन हाउस’ की डायरेक्टर प्रीति शर्मा विशेष रूप से मुंबई से चलकर बुराड़ी स्थित दिव्यांग बच्चों के आश्रम पहुंचीं।

सपनों की नगरी मुंबई की चकाचौंध से दूर, जब प्रीति शर्मा इन मासूम बच्चों के बीच पहुंचीं, तो पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट और अपार उत्साह से गूंज उठा। बच्चों के चेहरे की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने बड़ी ही आत्मीयता और सम्मान के साथ अपनी इस चहेती मेहमान का फूलों की माला पहनाकर और पारंपरिक चुनरी ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। बच्चों की इस मासूमियत और निश्छल प्रेम को देखकर सुपरमॉडल प्रीति शर्मा भी भावविभोर हो गईं। दिखावे की दुनिया से अलग, प्रीति शर्मा ने अपना कीमती समय इन बच्चों के साथ पूरी तन्मयता से बिताया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक-एक बच्चे के पास बैठकर उनसे बात की, उनकी दिनचर्या जानी और उनके सपनों व संघर्षों को गहराई से समझने की कोशिश की। उन्होंने न केवल बच्चों का हौसला बढ़ाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शारीरिक सीमाएं कभी भी आपके सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकती हैं।

आश्रम की एक मासूम बच्ची ने कहा, “जब हमारे बीच इतनी बड़ी हस्ती आईं और उन्होंने हमें गले से लगाया, तो हमें लगा कि पूरा समाज हमारे साथ है। प्रीति दीदी ने हमसे हमारे सपनों के बारे में पूछा और हमें आगे बढ़ने की हिम्मत दी।” वहीं, बच्चियों ने कहा, “हमारे लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। मुंबई से चलकर कोई खास हमारे लिए आया और हमारा हाल-चाल पूछा, इससे बड़ा हमारे लिए कोई उपहार नहीं हो सकता।”

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करने वाली प्रीति शर्मा का यह कदम समाज के उन तमाम सक्षम लोगों के लिए एक आईना है, जो समाज सेवा की बात तो करते हैं, लेकिन धरातल पर उतरकर किसी के चेहरे की मुस्कान नहीं बन पाते। प्रीति शर्मा के इस मानवीय कदम की चारों तरफ भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। उनके इस दौरे ने न केवल इन दिव्यांग बच्चों के दिलों में नई उम्मीद का दीप जलाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि असली खूबसूरती सिर्फ चेहरे या रैंप पर नहीं, बल्कि दूसरों के दुख-दर्द को बांटने वाले दिल में होती है।







