
– जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया विशेष अभियान
– समय पर जांच से छिपे मरीजों की पहचान पर जोर
मथुरा,
क्षय रोग की समय पर पहचान और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मथुरा के निर्देश पर ओल्ड एज होम कृष्णा कुटीर, वृंदावन में रहने वाली माताओं की क्षय रोग के लिए स्क्रीनिंग की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कृष्णा कुटीर पहुंचकर वहां रह रही माताओं की टीबी संबंधी स्क्रीनिंग की। जिला कार्यक्रम समन्वयक शिव कुमार ने बताया कि कुल 84 माताओं की स्क्रीनिंग की गई और सभी का चेस्ट एक्स-रे कराया गया। इसका उद्देश्य संभावित क्षय रोगियों की समय रहते पहचान करना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे की जांच एवं उपचार से जोड़ना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधा वल्लभ ने बताया कि जनपद में ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं। इन स्थानों पर स्क्रीनिंग के माध्यम से ऐसे क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है, जो किसी कारण से अब तक जांच और उपचार से वंचित रहे गए हैं। समय पर रोग की पहचान कर उपचार शुरू कराने से मरीज को स्वस्थ होने में मदद मिलती है और संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिलती है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए बीमारी की जल्दी पहचान और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनपद में विभिन्न समूहों में रहने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर छिपे हुए क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है। संक्रमित मरीज की समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से टीबी के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख में कमी, कमजोरी या रात में पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच करानी चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर टीबी की जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
स्क्रीनिंग कार्यक्रम के दौरान शिवानी, जगदीश, परशुराम एवं ओल्ड एज होम कृष्णा कुटीर की कार्यालय प्रभारी शिल्पा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद में ओल्ड एज होम कृष्णा कुटीर, वृंदावन जैसे समूह में रहने वाले लोगों के साथ-साथ अन्य संवेदनशील समूहों तक भी स्क्रीनिंग गतिविधियां पहुंचाई जा रही हैं। उद्देश्य ऐसे मरीजों को खोजकर उपचार से जोड़ना है, जिनकी बीमारी अभी तक सामने नहीं आ सकी है।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक संभावित क्षय रोगियों की समय रहते पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाए, जिससे टीबी संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ते हुए टीबी मुक्त मथुरा के लक्ष्य को गति दी जा सके।







