
बांग्लादेश मुस्लिम नाटो का हिस्सा बनने का मंसूबा देख रहा है। एक दिन पहले ही बांग्लादेश में इसके विदेश मामलों के सलाहकर हुमायूं कबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका देश मक्का समझौते का हिस्सा बनने की सोच सकता है।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच मक्का समझौता, जिसे मुस्लिम नाटो या सुन्नी नाटो भी बताया जा रहा है, उसका मूल प्रावधान ये है कि ये तीनों देश किसी एक पर भी होने वाले सशस्त्र हमले को सब पर हुआ हमला मानेंगे।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को साफ किया है कि पश्चिम एशिया में इस समय जो भी जियोपॉलिटिक्स चल रही है, वह उसकी नजरों से दूर नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जो कुछ कहा है, वह बांग्लादेश के लिए कड़ा संदेश माना जा सकता है।
बांग्लादेश में इस वक्त बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सरकार है। लेकिन, जिस तरह से वहां दो साल पहले कट्टरपंथी ताकतों ने शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को ताकत के दम पर उखाड़ फेंका, उसके बाद मौजूदा पीएम तारिक रहमान की विदेश नीति ढुलमुल हो चुकी है।











