
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर-कठुआ-डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र में ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए 110 सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कुल 598 किलोमीटर लंबी इन परियोजनाओं से कठुआ, उधमपुर, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के 46,972 लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में, खासकर पिछले पांच वर्षों के दौरान, उधमपुर-कठुआ-डोडा संसदीय क्षेत्र को सड़क संपर्क के मामले में लगातार प्राथमिकता दी गई है।
नई सड़क परियोजनाएं उन गांवों और बस्तियों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ेंगी, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहुंचना अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें न केवल यात्रा को आसान बनाएंगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा देंगी।
दूरदराज के गांवों में सड़क पहुंचने से सामाजिक और आर्थिक विकास की गति तेज होगी। स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक लोगों की पहुंच मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नई सड़क के किसी दूरदराज बस्ती तक पहुंचने के साथ उस क्षेत्र और विकास की मुख्यधारा के बीच की दूरी कम हो रही है।
परियोजनाओं के जिलावार विवरण के अनुसार, उधमपुर में 44 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनकी कुल लंबाई 235.040 किलोमीटर और लागत लगभग 554.90 करोड़ रुपए है। कठुआ में 24 परियोजनाएं 128.925 किलोमीटर लंबी हैं, जिनकी लागत लगभग 307.12 करोड़ रुपए है। रामबन में 13 परियोजनाओं की लंबाई 60.360 किलोमीटर और लागत लगभग 154.97 करोड़ रुपए है।
डोडा में 13 परियोजनाएं 90.180 किलोमीटर लंबी हैं, जिनकी स्वीकृत लागत लगभग 260.66 करोड़ रुपए है। किश्तवाड़ में 16 परियोजनाएं 83.950 किलोमीटर लंबी हैं और इन पर लगभग 224.88 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस तरह पांचों जिलों में सड़क नेटवर्क के विस्तार से पूरे उधमपुर-कठुआ-डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र की ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।












