AI और चाँदी की रिश्तेदारी, दोनों भविष्य की अत्याधुनिक रेस में दौड़ रहे हैं

हर देश इसी दौड़ में है कि AI में पीछे ना रह जाएं। ये ख़तरा खड़ा हो गया है कि जो पीछे रह गया वो भविष्य से कट जाएगा। ऐमेज़ॉन, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, गूगल जैसी दिग्गज कंपनियां डेटा सेंटर बना रही हैं। जाहिर है कि इस दौड़ में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता है।
जैसे जब औद्योगिक क्रांति आई थी तो क्या हुआ था? जिसके पास ज्यादा मशीनें थीं, वो ज्यादा कपड़ा बनाता था, ज़्यादा सस्ता बनाता था, और बाज़ार पर कब्ज़ा कर लेता था। ठीक उसी तरह जिसके पास जितने अधिक डेटा सेंटर होंगे, उसके पास उतना ज़्यादा कंप्यूटर वाल दिमाग होगा। आज जो कंपनी ज्यादा डेटा सेंटर खड़े कर लेगी, वो AI का बड़ा मॉडल ट्रेन कर सकेगी। बड़ा मॉडल बेहतर जवाब देगा। बेहतर जवाब देने वाली कंपनी के पास ज़्यादा ग्राहक आएंगे। ग्राहक आएंगे तो पैसा आएगा।
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