अगले साल के आईटीआर फॉर्म में क्रिप्टो आय के लिए एक अलग कॉलम होगा

नए वित्तीय वर्ष में, आयकर रिटर्न फॉर्म में क्रिप्टोकरेंसी से आय और करों के भुगतान के लिए एक अलग कॉलम होगा। यह बात राजस्व सचिव तरुण बजाज ने एक बयान में कही।

सरकार 1 अप्रैल से किप्टो करेंसी से होने वाली आमदनी पर 30 फीसदी टैक्स, सेस और सरचार्ज लगाएगी। बजाज के अनुसार, करदाताओं को आईटीआर फॉर्म में क्रिप्टो के लिए एक कॉलम दिखाई देगा। यह कॉलम क्रिप्टोकुरेंसी से आय का विवरण प्रदान करेगा।

पत्रकारों से बात करते हुए बजाज ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय हमेशा कर योग्य होती है और बजट में प्रस्तावित प्रस्ताव कोई नया कर नहीं है बल्कि यह इस मुद्दे पर स्पष्टता और निश्चितता प्रदान करता है। हम कराधान में सरलता, स्पष्टता और निश्चितता लाना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 205-2 के बजट में क्रिप्टोकुरेंसी और अन्य डिजिटल संपत्तियों के लेनदेन पर उत्पन्न आय पर 30 प्रतिशत कर लगाया गया है।

अगर एक साल में वर्चुअल करेंसी के लिए 10,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जाता है, तो 1 % TDS देना होगा। निर्मला सीताराम ने कहा है कि क्रिप्टोकरंसी पर कानून बनाने के लिए अभी बातचीत चल रही है।

वित्त सचिव टीवी सोमनाथ ने कहा कि जिस तरह जुए में जीते गए पैसे पर टैक्स लगेगा, उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री से होने वाली आय पर भी टैक्स लगेगा।

सोमनाथ ने आगे कहा कि बिटकॉइन, एथेरियम और एनएफटी (नॉन फंगिबल टोकन) को भारत में कानूनी निविदा के रूप में मान्यता नहीं है।

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