
कोलकाता,
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में पत्थरबाजी को पूरी तरह से रोकने का समय आ गया है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी के आरोपों का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों की अनुमति होगी, लेकिन धार्मिक नारों की आड़ में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘कोई भी विरोध प्रदर्शन कर सकता है. यह एक लोकतांत्रिक देश है। राजनीतिक संगठन और धार्मिक समूह पुलिस को सूचित करने के बाद अपनी मांगें रख सकते हैं। उनकी बात सुनी जाएगी और उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा। लेकिन धार्मिक नारे लगाते हुए अचानक पत्थरबाजी करने की स्थिति को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत निडर होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे कहा है कि उनके गृह मंत्री और मुख्यमंत्री उनके साथ हैं। पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में पूरा विभाग उनके साथ खड़ा है, आप सभी ने अच्छा काम किया है’।
सीएम ने ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कश्मीर वाली संस्कृति नहीं चलेगी। उन्होंने यह चेतावनी तब दी गई जब अवैध संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े बुलडोजर अभियान के विरोध में कोलकाता के पार्क सर्कस-तिलजाला क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन हुए। रविवार मुस्लिम-बहुल पार्क सर्कस इलाके में हुई हिंसा के बाद डिप्टी कमिश्नर पुलिस के दफ़्तर का दौरा करने और घायल कर्मियों से मुलाकात करने के बाद सीएम अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
सीएम अधिकारी ने कहा ‘मैं स्पष्ट संदेश दे रहा हूं कि इस तरह की अशांति, गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी, समाज विरोधी गतिविधियों के प्रति बिल्कुल भी सहनशीलता नहीं बरती जाएगी। हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे’ उन्होंने पुलिस एवं केंद्रीय बलों के आचरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि भीड़ की उकसाहट के बावजूद उन्होंने संयम से काम किया।









