अहमदाबाद के साबरमती इलाके से गुजरने वाली अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत साबरमती जेपी चाली के करीब 40 निवासियों के मकान गिराए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी, हाईकोर्ट ने रिट याचिका खारिज कर दी है।
साबरमती क्षेत्र में जेपी चली और उसके आसपास करीब 50 घरों को गिराने को लेकर रेलवे, अहमदाबाद नगर निगम, राज्य सरकार और राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थी, जिसमें कानून के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा व वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गयी।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बहुत विचार-विमर्श और अध्ययन के बाद आवेदन का निपटारा किया गया था। कुछ परिवार मुआवजे के पात्र हैं। मुआवजा तब दिया जाता है जब अन्य आवेदक सरकार की पुनर्वास योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं और सरकार सहानुभूति के आधार पर निर्णय लेती है।





