मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाजीफ सईद को दो मामलों में 31 साल की सजा

आतंकवादियों का पनाहगाह होने के लिए कुख्यात पाकिस्तान को वैश्विक दबाव में आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

न्यायाधीश एजाज अहमद भुट्टो ने पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग द्वारा दर्ज दो प्राथमिकी में 21 साल कैद की सजा सुनाई है। एक मामले में सईद को साढ़े 15 साल और दूसरे में 15 साल की सजा सुनाई गई थी। एटीएस कोर्ट ने सईद पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

हाफिज सईद को दो आतंकी मामलों में दोषी ठहराया गया है। अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सईद पर भी जुर्माना लगाया। इससे पहले, 40 वर्षीय कट्टरपंथी सईद को पांच आतंकी हमलों में पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सजा के फैसले का सईद पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसे जल्द ही छोड़ दिया जाएगा और उसकी संपत्ति वापस कर दी जाएगी।

सईद को 2006 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 13 के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। संयुक्त राज्य अमेरिका ने सईद को पकड़ने के लिए सूचना देने के लिए 10 मिलियन इनाम की पेशकश की है। फिर भी सईद खुलेआम पाकिस्तान लौट रहा है।

सईद को पाकिस्तानी सरकार और सेना का समर्थन प्राप्त है। हाफिज सईद 2008 के मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। इस हमले में चार अमेरिकियों समेत 19 नागरिकों की मौत हो गई थी।

हाफिज सईद इंडियाज मोस्ट वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर है। सईद 2008 के मुंबई ट्रेन विस्फोटों और 2001 में संसद पर हमले में भी शामिल था। संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत,इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ ने 2009 से हाफिज सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उल-दावा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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