शेखावाटी के कबूतरबाजी के तार खाड़ी में अब सोना तस्करी से जुड़ गए हैं। कबूतरबाज कमाई के बड़े सपने दिखाकर बेरोजगारों को खाड़ी देश भेज देते हैं। वहां पर वापस आने पर सोने की तस्करी में कुरियर बनने का दबाव बनाया जाता है। परेशान होने पर बेरोजगार तस्करों की शर्त मानने पर मजबूर हो जाता है।
अंचल के करीब दो दर्जन युवा ऐसे ही मामले में दुबई में फंसे हुए हैं। उनके पास अब दो ही रास्ते बचे हैं, जिनका अंत जेल है। वे तस्करी का सोना लेकर आते हैं तो एयरपोर्ट पर फंसने का डर और नहीं लेकर आते हैं तो खाड़ी में कानून का उल्लंघन उन्हें जेल तक पहुंचा देगा।
खाड़ी भेजने वाली ट्रेवल्स कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने शहर कोतवाली पुलिस में इसकी शिकायत दी है। वहीं पीडि़त युवकों ने अपनी पीड़ा पत्र के माध्यम से उजागर की है।
दुबई में फंसे मोहम्मद सुलतान, युनूस, आसिफ, नरोत्तम, इदरीश, वकील अहमद, सदीक, मोहम्मद समीर, महमूद, इंसाफ अली की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि उनके पास दुबई में अब कोई ठिकाना नहीं है। खाने के लिए भी पैसा नहीं है। रात डर के साए में सड़क पर गुजारनी पड़ रही है।
उनका कहना है पांच दिन पहले उनके पास दुबई में आरिफ का एक आदमी आया। वह बोला कि जो भी घर जाना चाहता है। वह उसके साथ चले। खाना-पीना और पैसा मिलेगा। लेकिन इसके बदले दुबई से बुरखा का कपड़ा, सिगरेट और सौ ग्राम सोने का बिस्किट लेकर जाना होगा। ऐसे में यह सभी लोग परेशान है।






