इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उत्पादन में 2030 तक दुनिया का नंबर 1 देश बन जाएगा भारत, तेल आयात होगा कम, ईंधन आयात पर प्रतिवर्ष 22 लाख करोड़ रुपये होते हैं खर्च

नई दिल्ली।

इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उत्पादन में 2030 तक दुनिया का नंबर 1 देश बन जाएगा भारत। इससे तेल आयात कम होगा और विदेशी मुद्रा कम खर्च करना पड़ेगा। अभी ईंधन आयात पर प्रतिवर्ष 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता एक आर्थिक बोझ है, क्योंकि ईंधन आयात पर प्रतिवर्ष 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं तथा यह पर्यावरणीय खतरा भी है, जिससे देश की प्रगति के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

गडकरी ने कहा कि भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र तेज वृद्धि के कारण 2014 के बाद से जापान को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा क्षेत्र बन गया है। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उत्पादन में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिसका वैश्विक ऑटो बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

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