वन भूमि घोटाला मामले में ED ने किए कई बड़े खुलासे, फर्जी कागजात से की गई जमीन की खरीद-बिक्री

बोकारो।

वन भूमि घोटाला मामले में ED ने कई बड़े खुलासे किए हैं। जाँच में पाया गया है कि फर्जी कागजात से जमीन की खरीद-बिक्री की गई है।बोकारो के तेतुलिया मौजा में 74.38 एकड़ वन भूमि घोटाला मामले में ईडी को जांच में जालसाजी से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। ईडी को जांच में जानकारी मिली है कि राजस्व उप निरीक्षक की अनुशंसा को दबाकर आरोपितों ने वन भूमि की 74.38 एकड़ जमीन को प्रतिबंधित सूची से बाहर कर दिया। सीओ ने अपनी रिपोर्ट बदली और वन विभाग से एनओसी नहीं ली। फर्जी कागजात बनाकर जमीन बेची गई। उपायुक्त को भी अंधेरे में रखा गया था।

उपायुक्त बोकारो ने तेतुलिया मौजा की विवादित 74.38 एकड़ जमीन के संबंध में 12 जून 2024 को अंचलाधिकारी चास से 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी और प्रतिबंधित सूची से हटाने या नहीं हटाने के बिंदु पर स्पष्ट अनुशंसा सहित मंतव्य की मांग की थी।

इस अनुशंसा में भी तत्कालीन सीओ ने राजस्व उप निरीक्षक की रिपोर्ट के तथ्यों को बदलकर अपनी रिपोर्ट दी थी। राजस्व उप निरीक्षक ने वन विभाग से रिपोर्ट मंगाकर ही आगे कुछ निर्णय लेने की अनुशंसा की थी, जिसे सीओ ने अपनी रिपोर्ट में अनदेखी की थी। ईडी की जांच में इसका खुलासा हुआ है।

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