गैर मान्यता प्राप्त गैर कानूनी मदरसों को बंद कराने से मौलवी परेशान, हम कोर्ट में जाएंगे, अर्थात गलत को सही सिद्ध करने के लिए जाएंगे कोर्ट 

लखनऊ।

गैर मान्यता प्राप्त गैर कानूनी मदरसों को बंद कराने से मौलवी परेशान, हम कोर्ट में जाएंगे, अर्थात गलत को सही सिद्ध करने के लिए जाएंगे कोर्ट। मतलब साफ है कि चोरी और सीनाजोरी।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि वह सरकार की ओर से गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को जबरन बंद कराए जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। जमीयत का कहना है कि उत्तर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त इस्लामी शिक्षण संस्थानों को जिस तरीके से बंद किया जा रहा है, वह संविधान के खिलाफ हैं।

मौलाना काब रशीदी ने बताया, साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने भी मदरसों को संरक्षण दिया है।’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पिछले साल 20 दिसंबर को मदरसों पर कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया था।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की लखनऊ में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठन के वरिष्ठ सदस्य और विधिक सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने बताया कि जमीयत की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रांतीय अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान ऐसी कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया गया है।

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