‘राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025’ में 4.3 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और 8 समझौते साइन किए गए हैं। केंद्रीय संचार मंत्री और उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा कि उत्तर पूर्व वैश्विक साझेदारी और आपसी हित के केंद्र के रूप में उभरा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट 2025 में अभूतपूर्व 4.3 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ। इससे उत्तर पूर्व क्षेत्र (एनईआर) के भारत का अगला आर्थिक महाशक्ति बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इस समिट में देश के कई बड़े उद्योगपति ने भाग लिया और बड़े निवेश का ऐलान किया। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने अगले एक दशक में अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की। अदाणी इससे पहले फरवरी में असम में 50,000 करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट का उद्घाटन शुक्रवार को किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में उत्तर पूर्व के शिक्षा क्षेत्र में 21,000 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने 800 से अधिक नए स्कूलों, क्षेत्र के पहले एम्स, नौ नए मेडिकल कॉलेजों और दो नए आईआईटी की स्थापना सहित प्रमुख विकास कार्यों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि उत्तर पूर्व अब विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष स्तर की प्रतिभा प्रदान करता है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है








