मोदी सरकार ने अपने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए  83,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया, भारत बनेगा सेमीकंडक्टर चिप का मुख्य उत्पादक 

नई दिल्ली।

मोदी सरकार ने अपने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए  83,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया, भारत जल्द ही सेमीकंडक्टर चिप का मुख्य उत्पादक देश बनेगा और दुनिया में अपना वर्चस्व बनाएगा।

सरकार का लक्ष्य वैश्विक चिप कंपनियों को आकर्षित करने के साथ-साथ घरेलू खिलाड़ियों को भी बढ़ावा देना है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो भारत के सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में निवेशकों के लिए बड़े अवसर खुल सकते हैं।

भारत में IZMO ऑटोमोटिव सेक्टर में इंटरएक्टिव मार्केटिंग और विजुअलाइजेशन टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में भी अपनी पकड़ बना रहा है। IZMO की सहायक कंपनी, Izmo Microsystems, 3D पैकेजिंग और System-in-Package (SiP) सॉल्यूशंस प्रदान करती है। इसके 10+ ग्लोबल क्लाइंट्स में ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर शामिल हैं

MosChip टेक्नोलॉजीज भारत के सेमीकंडक्टर डिज़ाइन इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा है। इसे 20 साल का अनुभवहै । ASIC, SoC और VLSI डिज़ाइन में माहिर यह सीसरकार की Design Linked Incentive (DLI) योजना का लाभ उठा रहा है। जुलाई 2024 में, C-DAC से 5 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित HPC चिप डिज़ाइन करने का 50,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला।

Cyient इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस में 30 साल के अनुभव के साथ अब सेमीकंडक्टर डिज़ाइन पर जोर दे रहा है। इसकी नई सहायक कंपनी Cyient Semiconductors, चिप डिज़ाइन और ASIC डेवलपमेंट पर काम कर रही है। यह कंपनी 300 से अधिक ग्लोबल क्लाइंट्स (दुनिया के टॉप 100 इनोवेटर्स में से 30 फीसदी) के साथ काम करती है।

इस क्षेत्र में HCL टेक्नोलॉजीज, भारत की टॉप IT कंपनियों में से एक, अब सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और टेस्टिंग में भी हाथ आजमा रही है। HCL की NVIDIA और Google जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप भी है।

इसी तरह Tata ग्रुप की यह कंपनी भारत के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (Dholera, गुजरात) का निर्माण कर रही है। टाटा के इस प्लांट में 91,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से 50,000 वेफर्स प्रति माह का उत्पादन होगा। इसमें OSAT (असेम्बली, टेस्टिंग) और फाउंड्री सर्विसेज पर फोकस किया जाएगा।

इस कड़ी में भारत की अन्य बहुत सी कम्पनियों ने अपनी जोर आजमाइश शुरू कर दी है और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आगे बढ़ते जा रहे हैं। इन प्रयासों को देखते हुए यही प्रतीत हो रहा है कि भारत बहुत जल्द ही इस क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने वाला है।

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