
समय से पूर्व जन्म लेनेवाले बच्चों की निगरानी करते हैं प्रशिक्षीत डॉक्टर व नर्स
लखीसराय।
जिले के सदर अस्पताल में समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों का निःशुल्क इलाज प्रशिक्षित डॉक्टर एवं नर्स की देखरेख में किया जाता है। इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार ने बताया कि ऐसे बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जाता है। इस इकाई में प्रमुख सर्जरी एवं वेंटिलेशन को छोड़कर समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजात के लिए सभी तरह के इलाज किये जाते हैं।
उन्होंने बताया की इस इकाई में डॉक्टर की तैनाती रोस्टर के अनुसार किया जाता है। साथ ही हर रोज़ अपना अटेंडेंस बनाने के बाद भर्ती नवजात की जांच भी करते हैं। रोस्टर के अनुसार अगर कोइ डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं। तो फिर इसके लिए उन्हें सूचित किया जाता है कि बिना लिखित सूचना के वो अपने कार्य से अनुपस्थिति ना रहें। ताकी उनकी अनुपस्थिती में दूसरे डॉक्टर की तैनाती की जाए। जिसके फलस्वरूप एसएनसीयू का कार्य बाधित ना हो।
डॉ राकेश ने बताया कि अभी एसएनसीयू में कुल 11 बच्चे भर्ती हैं। जहां प्रशिक्षित डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों द्वारा नवजात का 24 घंटे देख -भाल किया जा रहा है। इस इकाई की स्थापना का एक मात्र उद्देश्य ही है कि शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। इसलिए मै जिले के सभी धात्री एवं समय -पूर्व जन्म लेने वाली मताओं से कहना चाहूंगा की अगर उनका बच्चा समय -पूर्व जन्म लेता है, तो वो अपने जिला स्थित एसएनसीयू (सिक न्यू बार्न केयर यूनिट) में जरुर भर्ती करवाएं, ताकि उनके बच्चे का हर संभव इलाज कर नयी जीवन देने की हर कोशिश की जाए।
जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चे के लिए वाकई वरदान है एसएनसीयू। क्योंकि जो सुविधा यहाँ निःशुल्क मिल रही है। उसके लिए निजी अस्पताल जो में 50,000 से 60,000 रुपए खर्च करना पड़ जाता है।
उन्होंने बताया कि साथ ही एसएनसीयू में जन्म से लेकर 28 दिनों तक के ऐसे नवजात को भर्ती किया जाता है, जो बर्थ-एस्फिक्सिया, प्री-म्यच्योरिटी (समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजात), न्यू नेटल जॉन्डिस एवं सेपसिस परेशानी से पीड़ित रहते हैं। ऐसे बच्चों को दवाई से लेकर समुचित इलाज की पूरी तरह मुफ्त सुविधा यहां उपलब्ध कराई जाती है।







