नई दिल्ली।
ईरान, इराक और इजराइल के हवाई क्षेत्रों से होकर नहीं गुजरेंगें एयर इंडिया के जहाज क्योंकि युद्ध के हालात में एयर इंडिया कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। एयर इंडिया द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हम आने वाले दिनों में फारस की खाड़ी के ऊपर कुछ हवाई क्षेत्रों के उपयोग से बचेंगे और इसके बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ओमान और कुवैत सहित अन्य गंतव्यों की उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्गों का चयन करेंगे।
बयान के मुताबिक इस बदलाव से संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और कुवैत जैसी जगहों के लिए उड़ानों का समय बढ़ सकता है। वहीं सूत्रों का कहना है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कम लोड फैक्टर के कारण पश्चिमएशिया के शहरों को जोड़ने वाली कुछ उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है।
एयरलाइन ने पहले से ही ईरान, इराक और इजराइल के हवाई क्षेत्र से बचने का फैसला किया हुआ है। अब वह फारस की खाड़ी के कुछ इलाकों से भी अपनी उड़ानें नहीं गुजारने की योजना बना रही है। इस बदलाव से संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और कुवैत जैसी जगहों के लिए उड़ानों का समय बढ़ सकता है। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता का कहना है कि इस बदलाव की वजह से इन रास्तों पर उड़ानों के साथ-साथ यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कुछ फ्लाइट्स का समय भी बढ़ सकता है।







