पश्चिम बंगाल में मोदी के जादू ने डुबो दिया ममता का जहाज, जय श्रीराम के नारे से चिढ़ने वाली ममता अब जपेगी “राम राम”

पश्चिम बंगाल में मोदी के जादू ने अर्थात मोदी की बेजोड़ रणनीति ने डुबो दिया ममता का जहाज। जय श्रीराम के नारे से चिढ़ने वाली ममता अब जपेगी “राम राम”।

पश्चिम बंगाल के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत का सबसे अहम कारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभावशाली नेतृत्व रहा। उनकी बात बंगाल की जनता के दिलों तक पहुंची, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिला।

इसके साथ ही राज्य में पार्टी के तेज-तर्रार नेताओं द्वारा लगातार की गई चुनावी सभाओं ने भी माहौल को भाजपा के पक्ष में मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बंगाल में प्रचलित तथाकथित ‘काला जादू’ जैसी धारणाओं से ऊपर उठकर जनता ने विकास और नेतृत्व के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। परिणामस्वरूप, मतदाताओं का झुकाव भाजपा की ओर मुड़ गया।

पूरे चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में हवा का रूख तैयार करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने पुरजोर मेहनत की। भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में राजनीति की उपजाऊ जमीन तैयार करने के काम पार्टी की तरफ से बहुत पहले शुरू कर दिया गया था। नरेंद्र कप (फुटबॉल टूर्नामेंट) का आयोजन यहां किया गया था। इस पुरुष फुटबॉल टूर्नामेंट में 1200 टीमों ने भाग लिया और लगभग 18,000 खिलाड़ी सम्मिलित हुए। वहीं महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल 253 महिला टीमों ने हिस्सा लिया। दोनों ही आयोजनों में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा सम्मिलित हुए और उन सभी का झुकाव भाजपा की ओर रहा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की विफलताओं एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राज्य स्तरीय आरोप-पत्र जारी किए। विधानसभा स्तर पर 220 विधानसभा क्षेत्रों में यह चार्जशीट जारी की गई। ताकि जनता इसके बारे में जान सके। पूरे बंगाल में महिला एवं युवा वर्ग के 2 करोड़ से अधिक भरोसा कार्ड भरे गए। महिलाओं के लगभग 1.60 करोड़ एवं युवाओं के 40 लाख फॉर्म भरवाए गए।

श्रीरामनवमी, श्री हनुमान जन्मोत्सव एवं पोइला बैसाख के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 6,250 स्थानों पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से संपर्क किया गया। 2 लाख से अधिक लोगों से इस दौरान संपर्क साधा गया। इसके साथ ही 21 प्रदेशों से 9,498 बंगाली प्रवासियों ने पश्चिम बंगाल आकर भाजपा के पक्ष में प्रचार में भाग लिया। प्रदेश भर में 8,315 शक्ति केंद्र पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया।

इसके साथ ही 220 विधानसभाओं में रोजगार चाहने वाले युवाओं का पंजीकरण करने का अभियान ‘चाकरी चाई बांग्ला’ चलाया गया। महिलाओं को भाजपा ने अपने पक्ष में करने के लिए बूथ पर महिलाओं की 1,96,000 ड्रॉइंग रूम बैठकें आयोजित की। साथ ही 19,250 क्लब एवं एनजीओ के सदस्यों से संपर्क किया गया।

विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान 61 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नेताओं के 288 सीटों पर 600 से अधिक कार्यक्रम हुए। भाजपा की तरफ से यहां ‘ब्रिगेड चलो’ विशाल जनसभा कोलकाता में हुई, जिसमें 7.5 लाख लोगों की उपस्थिति रही। सोशल मीडिया पर भी इसको खूब प्रचारित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुल 19 चुनावी सभाएं हुई एवं 2 रोड शो किए। झारग्राम में झालमुड़ी खाई, इसकी वीडियो को सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर 10 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा। हुगली नदी में नौका विहार एवं ठनठनीया काली बड़ी मंदिर में दर्शन करके भी वहां की जनता को पीएम मोदी ने संदेश दिया।

भाजपा के पक्ष में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कुल 40 सभा, रोड शो कार्यक्रम हुए। इसके साथ उन्होंने 4 संगठनात्मक बैठकों में सभी 294 विधानसभाओं के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। गंगासागर में पूजा अर्चना एवं कपिल मुनि आश्रम में भी उनका इस दौरान जाना हुआ। जो पश्चिम बंगाल की जनता को साफ संदेश था कि वह अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए पुनः तैयार हो जाएं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित केंद्रीय नेताओं की कुल 128 विधानसभाओं में कार्यक्रम हुए। इसके साथ ही भाजपा के अन्य राज्यों के 9 मुख्यमंत्रियों की यहां कुल 101 सभाएं हुई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के स्थानीय भाजपा नेताओं जैसे प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, मिथुन चक्रवर्ती, सुकांत मजूमदार एवं दिलीप घोष सहित 25 नेताओं के कुल 232 कार्यक्रम हुए।

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