अगर ईरान सहमत नहीं होता, तो बमबारी शुरू हो सकती है, और वह पहले से कहीं ज्यादा तीव्र होगी – डोनल्ड ट्रंप 

अगर ईरान सहमत नहीं होता, तो बमबारी शुरू हो सकती है, और वह पहले से कहीं ज्यादा तीव्र होगी। अमेरिकी डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान उनके प्रस्ताव को मान लेता है तो संघर्ष विराम मुमकिन है। इसके साथ ही चेतावनी भरे अंदाज में ये भी कहा कि अगर नहीं माना तो बड़े आक्रमण के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा कि अगर ईरान पहले से तय शर्तों को मान लेता है, तो “एपिक फ्यूरी” खत्म हो जाएगा। इसके बाद लागू “ब्लॉकेड (नौसैनिक नाकेबंदी) के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी देशों के लिए खुला रखा जाएगा, जिसमें ईरान भी शामिल होगा।

ट्रंप की ये नई पोस्ट प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगी रोक के बाद सामने आई है। अमेरिका ने इस अभियान का मकसद होर्मुज में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित अपनी निगरानी में बाहर निकालना बताया था। होर्मुज ईरान-अमेरिका के तनाव का अहम कारण है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दावा किया था कि मानवता की रक्षा के लिए अमेरिका ये अहम कदम उठा रहा है।

एपिक फ्यूरी ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य हमले को नाम दिया गया था। इजरायल के साथ मिलकर अमेरिका ने तेहरान पर बमबारी की थी। 28 फरवरी 2026 से ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा एक प्रमुख सैन्य अभियान था। दोनों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसके बाद अब इसे सफल बताते हुए रोक दिया गया।

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