उधार के 1000 रुपये से शुरू किया व्यापार, किताबें बेची, दूध बेचा, पटाखे बेचे,आज है 21000 करोड़ की संपत्‍त‍ि का माल‍िक

उधार के 1000 रुपये से शुरू किया व्यापार, किताबें बेचैन, दूध बेचा आज 21000 करोड़ की संपत्‍त‍ि का मालिक बन चुका है। इस व्यक्ति का नाम है सजन। साजन ने ज‍िंदगी की शुरुआत जीरो से करके खर्च चलाने के ल‍िये क‍िताबें बेचीं, पटाखे बेचें और यहां तक की दूध की भी ड‍िलीवरी की।

वह कई किमी पैदल चलकर स्कूल जाते थे। उन्‍हें घर से इतने पैसे नहीं म‍िलते थे क‍ि स्कूल की कैंटीन से कुछ लेकर खा सकें। इस हालत को देखकर ही उन्‍होंने यह तय क‍िया क‍ि पैसा कमाने पर फोकस करना है। रिजवान ने शुरुआत में प‍िता से 1000 रुपये उधार ल‍िये। इन पैसों से उन्‍होंने थोक में कुछ किताबें खरीदीं और अपने दोस्‍त को बेच दीं। इससे उन्‍होंने कुछ पैसे कमाए।

आज वहीं शख्‍स हजारों करोड़ की संपत्‍त‍ि का माल‍िक होने के साथ ही दुबई का सबसे अमीर भारतीय है। प‍िता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी साजन को उठानी पड़ी। इसके ल‍िए उन्‍होंने किताबें बेचने से लेकर पटाखे बेचने तक का काम क‍िया।

बेहतर करने की तलाश में वह 1981 में कुवैत चले गए. वहां उन्होंने चाचा की ब‍िल्‍ड‍िंग मैटेर‍ियल (Building Materials) की शॉप पर ट्रेनी सेल्समैन के तौर पर काम शुरू क‍िया। अपनी लगन और मेहनत के दम पर वह तेजी से आगे बढ़े। 1991 के गल्‍फ वार ने मुंबई लौटने पर मजबूर कर द‍िया।

1993 में उन्‍होंने दानुबे ग्रुप नाम से ब‍िल्‍ड‍िंग मैटेर‍ियल्‍स का ब‍िजनेस शुरू क‍िया। र‍िजवान साजन की दूरदर्शी सोच और लगातार मेहनत ने इस मामूली से ब‍िजनेस को UAE की सबसे बड़ी ब‍िल्‍ड‍िंग मैटेर‍ियल्‍स कंपन‍ियों में से एक में बदल दिया।

साजन के नेतृत्व में दानुबे ग्रुप ने ब‍िल्‍ड‍िंग मैटेर‍ियल्‍स के अलावा अपने ब‍िजनेस को भी एक्‍सपेंड क‍िया। कंपनी ने होम डेकोर, रियल एस्टेट और अन्य सेक्‍टर में कदम रखा। अपने कारोबार के दम पर आज रिजवान साजन दुबई के सबसे अमीर भारतीयों में से एक हैं।

संयुक्त अरब अमीरात की म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ इकोनॉमी के अनुसार साजन की अनुमानित नेटवर्थ 2.5 बिलियन यूएस डॉलर अर्थात करीब 20,830 करोड़ रुपये है।

SHARE