नई दिल्ली।
आईडीबीआई बैंक अब बन जाएगा प्राइवेट बैंक बन जाएगा। इसके शेयर परचेज डील को इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप से मंजूरी मिल गई है। आईडीबीआई बैंक के शेयर आज करीब एक फीसदी की तेजी के साथ 95.44 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर खरीद समझौता एक कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज है जो उन नियमों और शर्तों को रेखांकित करता है जिसके तहत किसी कंपनी के शेयर विक्रेता से खरीदार को ट्रांसफर किए जाते हैं। इस तरह के विनिवेश (Disinvestment) सौदों में, SPA दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करने और मूल्य निर्धारण, प्रतिनिधित्व और देनदारियों जैसे प्रमुख खंडों को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
IDBI बैंक में सरकार और LIC बैंक की करीब 9 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार बैंक में हिस्सेदारी को बेच कर करीब 50 हजार करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इस डिसइनवेस्टमेंट के तहत आईडीबीआई बैंक की 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बिकेगी।
IDBI बैंक को खरीदने की दौड़ में कई दिग्गज कंपनियां हैं। Emirates NBD (दुबई स्थित बैंक) इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही है।
अब इस फाइल को कोर ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज़ ऑन डिसइन्वेस्टमेंट के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में फाइनेंशियल बिडिंग शुरू हो सकती है। एक गोपनीय रिजर्व प्राइस भी तय किया गया है जिसे संभावित खरीदारों को नहीं बताया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
निजीकरण के बाद बैंक की सेवा गुणवत्ता में सुधार आ सकता है। टेक्नोलॉजी, ग्राहक सेवा और डिजिटल बैंकिंग में बदलाव देखे जा सकते हैं।







