
ग्रामीण चिकित्सक को दिया गया फाइलेरिया एवं कालाजार संक्रामक रोग से बचाव का प्रशिक्षण
शेखपुरा।
गाँव के लोगों को फाइलेरिया एवं कालाजार जैसे संक्रामक रोगों से जागरूक एवं बचाव के लिए ग्रामीण चिकत्सक अपनी भूमिका अग्रणी रूप में निभाएं। इस बात की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार ने कहा की ग्रामीण चिकित्सक को इस भूमिका के लिए ही आज सदर प्राथमिक केंद्र शेखपुरा में फाइलेरिया एवं कालाजार से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल के सहयोग से एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रशिक्षण वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह एवं पिरामल के राहुल कुमार के द्वारा दिया गया है।
सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार ने बतया कि ग्रामीण चिकित्सक को ये प्रशिक्षण देने का मात्र उदेश्य है कि गाँव के लोग सर्वप्रथम अपने इलाज के लिए उनके ही पास जाते हैं। यदि उन्हें इस बीमारी के इलाज एवं बचाव के बारे में जानकारी होगी तो ये ग्रामीण चिकिसक लोगों का इलाज सही ढंग से कर पाएंगे, जिसके फलस्वरूप फाइलेरिया एवं कालाजार के उन्मूलन के लिए हम मजबूती से आगे बढ़ सकेंगे।
प्रशिक्षण में आये हुए ग्रामीण चिकित्सक को संबोधित करते हुए बताया की अगर 15 दिन से अधिक किसी को बुखार है तो उस व्यक्ति को कालाजार जाँच के लिए सदर प्राथमिक केंद्र जरुर भेजें। जाँच के बाद अगर वो व्यक्ति कालाजार का मरीज पाया जाता है तो उसका इलाज निःशुल्क किया जाएगा। साथ ही आप ग्रामीण चिकित्सक को हर पॉजेटिव मरीज पर 500 रुपए प्रोत्साहन राशी के रूप में दी जाएगी।
डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया की अगर किस को हाथी पाँव के रूप में फाइलेरिया हो जाय तो फिर उसका इलाज तो संभव नहीं है। परन्तु समुदाय को इस बात के लिए जागरूक कर सकते हैं की आप साफ -सफाई के साथ अपने घरों के अंदर या आसपास पानी जमा न होने दें। अगर किसी पुरुष को अंडकोष फाइलेरिया है तो उसका इलाज सर्जरी के रूप में है इस बात के लिए जागरूक करने के साथ उसे ओपरेशन के लिए सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेखपुरा जरुर भेजें।
इस मौके पर वेक्टर रोग नियंत्रण पद्धिकारी श्याम सुन्दर कुमार, भीबीडीएस मनोज कुमार साह के साथ शेखपुरा प्रखंड के अभी ग्रामीण चिकित्सक मौजूद थे।







